ट्यूशन टीचर का तोहफा!
- sheetal sahani

- Aug 14, 2020
- 11 min read
हेलो दोस्तों , में आपका दोस्त राहुल दिल्ली से। आज एक बार फिर आपके लिए तड़कती फड़कती गरमा गर्म चुदाई की कहानी लेकर आया हूँ। आज में आपको बताऊंगा कि कैसे मुझे भाभियाँ और अंटियाँ चोदने की आदत लगी। जो चुदाई करने का आनंद भाभियाँ दे सकती है वो एक कुंवारी चुत में कभी नहीं मिलेगा। इसका कारण है कि शादी के बाद से उनका पति उन्हें लगातार चोदता है। किसी कारण से अगर उन्हें लण्ड न मिले तो उनकी चूत की गर्मी उन से बर्दाश नहीं होती। और फिर जब उन्हें लण्ड मिलता है तो वो लपक कर लेती हैं।
चलिए अब सीधे चलते हैं कहानी की तरफ। बात उन दिनों की है जब मैं बारहवीं का स्टूडेंट था। मेरा तो जब से लण्ड खड़ा होना शुरू हुआ मैं तो बस चूत के चक्कर में रहता था। पढ़ाई लिखाई से मेरा दूर दूर तक कोई रिश्ता नहीं था। बड़ी मुश्किल से बारहवीं तक पहुँच पाया था। क्लास की लगभग सभी लड़किया चोद चूका था तब तक मैं। पर उस साल बारहवीं का बोर्ड पेपर था इसलिए घरवालों ने बहुत धमकाया हुआ था मुझे। पर मैं क्या करता मेरा दिमाग सेक्स से हटता ही नहीं था। तिमाही पेपर में फ़ैल हो गया मैं। मुझे इस बात का कोई आश्चर्य नहीं हुआ। पर हैरान इस बात से था कि साल मेरा दोस्त जो बिलकुल नालायक है वो पास हो गया और सत्तर प्रतिशत नंबर से। मैंने उसे पूछा उस दिन बता बहनचोद तूने नक़ल की है न। वो बोला भाई लण्ड की कसम पढ़ कर पास हुआ हूँ। मुझे यकीन नहीं हो रहा था। तो उसने बोला कि कामिनी मेडम ने पढ़ाया है मुझे , टूशन जाता हूँ उनके पास।
कामिनी हमारी मैथ की टीचर थी। तीस साल की एक औरत , जिसकी वजह से स्कूल के सभी मेल टीचर रोज मुठ मारते थे। पर वो किसी को घास नहीं डालती थी। पढ़ाती भी बहुत अच्छे से थी। पर उसके सख्त व्यव्हार के चलते मैंने कभी उसे मुँह ही नहीं लगाया और न उसने मुझे। पर मुझे पास होना था , नहीं तो घरवालों ने मारना बहुत था मुझे। मैं उस दिन घर जाते ही मम्मी को बोला मुझे ट्यूशन लगना है। मम्मी ने रात में ही पापा से बात कर ली और अगले दिन मैंने स्कूल में कामिनी मैडम को पूछा। उसने हाँ कर दी , और दोपहर चार से छह बजे का टाइम फिक्स कर लिया। कयुँकि दो से चार बजे तक तो सुमित पढता था , मेरा दोस्त।
खेर शाम को चार बजे मैं उनके घर पहुँच गया। उसने दरवाजा खोला और मैं अंदर आकर सोफे पर बैठ गया। आज पहली बार मैंने उसे ध्यान से देखा। पहली बार उसे साडी से हट कर टीशर्ट और पैजामे में देखा। स्कूल में तो साडी से पूरी ढकी होती थी वो। शकल तो उसकी बहुत सूंदर थी या पता था मुझे पर उसकी चूचियां, कमर और गांड भी इतनी कामुक है ये आज पहली बार देखा। स्कूल में उसका रूप कुछ और यहाँ पर कुछ और। टीशर्ट भी डीप गले की पहनी और पजामी भी बिलकुल टाइट , जिस वजह से उसकी मोटी मोटी जांघो के दर्शन मुझे भरपूर हो रहे थे। आज पहली बार वो मुझे अपनी तरफ खींच रही थी। खेर वो आकर मेरे बगल वाले सोफे पर बैठ गयी और मुझे किताबें निकलने को बोला। वो बार बार मेरे पास आकर मुझे पढ़ा रही थी और उसकी खुशबु मुझे पागल कर रही थी। झुके होने की वजह से उसकी चूचियां भी मुझे दिख रही थी। मैं सिर्फ उसकी चूचियों को देख रहा था । पढ़ाई में उस दिन भी मेरा बिलकुल मन नहीं लगा। खेर दो घंटे उसने मेरे सामने जम कर अंग प्रदर्शन किया और ट्यूशन में वो स्कूल की तरह सख्त नहीं थी। प्यार से पढ़ा रही थी।
घर आते ही मैं बाथरूम में घुसा और मुठ मरने लगा। आज पहली बार मुझे किसी अपने से बड़ी औरत को देख कर ऐसा हुआ था। अब ये सिलसिला रोज चलने लगा और मुझे उन दिनों पता चला कि उसका पति उसके साथ नहीं रहता। वो घर में अकेली रहती है और पढ़ा कर अपना खर्चा उठती है। मतलब के वो पेसो की तंगी से गुजर रही थी। खेर इन सब से मुझे क्या था , मैं तो बस रोज उसे चोदने के सपने लेकर मुठ मारता था और ट्यूशन में रोज उसकी चूचियां और कभी कभी तो झुकती तो गांड के भी दर्शन हो जाते। उस महीने हमारे यूनिट टेस्ट होने थे और मैं उसमे भी फ़ैल हो गया। घर गया तो बहुत गालिया सुनाई पापा ने मुझे और बोला कि आज से ट्यूशन बंद। कोई फायदा नहीं पैसे बर्बाद कर के। मैं उसके सामने बहुत गिड़गिड़ाया तो वो बोले चल पहले तेरी टीचर से मिलूंगा। वो उस दिन ट्यूशन मेरे साथ गए मैडम को धमकी देकर आये कि अगर इस महीने के टेस्ट में ये पास नहीं हुआ तो मैं इसकी ट्यूशन बंद करवा दूंगा। पांच हजार रूपये बचेंगे मेरे।
पापा तो चले गए पर आज कामिनी का वही स्कूल वाला रूप हो गया ट्यूशन मैं। मुझ पर लगातार चीखे जा रही थी। फिर मुझे एक टेस्ट देकर चाय बनाए चली गयी। मुझे कुछ आता नहीं था तो मैंने अपना मोबाइल निकला और सेक्सी फिल्म देखने लगा और उसके वापिस आने का इंतज़ार करने लगा। मेरा लण्ड खड़ा हो गया फिल्म देखते देखते और मुझे पता ही नहीं चला कामिनी कब आ गयी और मुझे देख लिया। उसने मुझे बोला राहुल क्या कर रहा तू। मैंने डर कर मोबाइल बंद किया और बोला मैडम सॉरी अब नहीं करूँगा गलती हो गयी। वो बोली इसे देखें से क्या होगा यही तेरा दिमाग खराब कर रही है ऐसी फिल्मे। इन्हे देख कर तू मुठ मरेगा और बस ये तुझे चोदने को नहीं मिलेगी । मैं हैरान हो गया, मैडम ऐसे कैसे बात कर रही है और मेरी आवाज बंद हो गयी मैं बिलकुल भोचक्का हो कर उसे देखता रहा। उसने तुरंत टीशर्ट ऊपर की और चूचियां नंगी कर दी , बोली ये देख है न तेरी फिल्म वाली से बड़ी चूचिया और जितनी क्लास की लड़किया तू चोदता है उनसे भी बड़ी है।
मैं अब तो बता नहीं सकता मेरा क्या हाल था। लण्ड तो पहले खड़ा था और अब ये। वो बोली आजा अब एक सौदा करते हैं। तू पढ़ाई में मन लगा और तेरे पास होने के बाद तुझे तोहफे में मेरी चूत मिलेगी मारने को। एक टेस्ट में पास हुआ तो अगली बार चूत दिखाउंगी तुझे , उसके बाद छमाही पेपर में पास हुआ तो चूचिया और चूत को छूने का गिफ्ट दूंगी। बोर्ड पेपर में पास हुआ तो फिर तुझे मौका मिलेगा मुझे चोदने का। उस दिन तो मुझे लगा कि अब मेरी जिंदगी का मकसद है बारहवीं में इस बार पास होना और उस दिन से मैंने मुठ मारनी छोड़ी और सेक्स से दुरी बना ली। सिर्फ पढ़ाई। मैं अगले महीने के यूनिट टेस्ट में पास हो गया और उसी दिन शाम में वो पूरी नंगी हुयी मेरे सामने और और आखिरी आधे घंटे पढ़ने के बाद वो इसी तरह नंगी बैठी रही मेरे साथ और सेक्सी बातें करती रही। उस रात भी मैंने मुठ नहीं मारी। लण्ड तो खड़ा था पर मैंने कण्ट्रोल किया। छमाही पेपर में भी पास हो गया मैं। घरवाले बहुत खुश हुए और उनसे ज्यादा खुश मैं था। क्युकी उस दिन आखिरी आधे घंटे मैंने कामिनी की चूचियां दबायी उसकी चूत पर हाथ फेरे गांड दबायी और उसकी चूत में ऊँगली की। इस बार उसने मुझे बोनस दिया और मुझे किस भी किया और आज उसने मेरी मुठ मारी और एक मिनट के लिए लण्ड भी चूसा।
अब आखिरी एक बोर्ड पेपर था मेरे लण्ड और उसकी चूत के बिच में दीवार। गांड फाड़ मेहनत की और अपनी तरफ से बहुत अच्छा पेपर किया। एक महीने बाद रिजल्ट आना था और उस एक महीने तक मैं कामिनी को देख भी नहीं पाया। बस रोज प्रार्थना करता था भगवान् से पास करवा देना। घरवाले मुझे देख कर हैरान थे। आख़िरकार रिजल्ट आया और मेरे अस्सी प्रतिशत नंबर आये। मैंने रिजल्ट देखते ही कामिनी को फ़ोन किया और बता दिया। वो बहुत खुश हो गयी और बोली ठीक है राहुल तेरा गिफ्ट आज से चौथे दिन मिलेगा। ठीक दो बजे मेरे घर आ जाना। बस फिर क्या था पता ही नहीं चला चौथा दिन कब आ गया और मैं पुरे दो बजे कामिनी के घर पहुँच गया।
आज उसने नाईटी पहनी थी और अपनी पूरी टाँगे नंगी राखी हुई थी। नाईटी इतनी छोटी थी कि उसकी पेंटी नजर आ रही थी। मैंने तो उसे जाते ही पकड़ लिया और बोला मैडम बहुत तड़पा हूँ आज तो इस चूत पर मेरा हक़ है। वो बोली हां मेरी जान आज मैं सिर्फ तेरी हूँ पर पार्टी तो बनती है पहले। उसने केक मंगवाया हुआ था और कोल्ड ड्रिंक। साथ में एक व्हिस्की की बोतल भी। लाल रंग की पारदर्शी नाईटी जिसमे से उसकी नंगी कमर और उसकी ब्रा पेंटी साफ़ दिख रही थी। मेरे पास जब आकर बैठी तो नाईटी उतार दी और अब सिर्फ ब्रा पेंटी में थी। उसने मुझे खड़ा होने को बोला और खड़ा कर के मेरे कपडे उतार दिए। अब मैं भी सिर्फ अंडरवियर मैं था। और लण्ड तो मेरा उसे देखते ही खड़ा हो गया। वो उसे छू कर बोली अच्छा तो ये तैयार भी हो गया। मैंने बोला हां मैडम ये तैयार है बस आपकी तरफ से देरी है।
उसने केक काटा और मुझे खिलाने लगी। हल्का सा केक खिलाया और बाकी मेरे चेहरे पर लगा दिया। अब उसने मेरे चेहरे पर लगा केक अपनी जीभ से चाटना शुरू किया। में तो बस जल बिन मछली जैसा तड़प रहा था और वो मेरी वासना और भड़का रही थी मुझे चाट के। चेहरे पर लगा केक पूरा चाट लेने के बाद अब वो मेरे होंठ चूसने लगी और मेरा हाथ उठा कर अपनी चूँचियो पर रख लिया। मैं उसकी चूचियां ब्रा के ऊपर से दबाने लगा और वो मेरे बालों में हाथ डाल कर अपनी जीभ से मेरे होंठ चाट रही थी। मेरी जीभ को काट रही थी जीभ से जीभ पर किस कर रही थी और कुतिया की तरह मुझे चाट रही थी। मैंने भी उसकी चूचियां जोर जोर से दबानी शुरू कर दी और अब वो भी गर्म होने लगी। उसने मेरे अंडरवियर में हाथ डाल लिया और मेरा खड़ा लण्ड पकड़ लिया और हिलाने लगी। वो अभी भी लगातार मुझे चाट रही थी। मैंने उसकी ब्रा के अंदर हाथ डाल लिया और दबाने लगा। उसने खुद ही अपनी ब्रा उतार दी और अब उसकी मादक उभारो जैसी चूचियां हवा में झूलने लगी। अब उसने मेरी छाती से लेकर नाभि तक केक लगाया और चाटने लगी।
चुदाई की कला तो उसकी बिलकुल अंग्रेजी सेक्सी फिल्मो वाली थी। मेरी छाती और मेरे निप्पल्स को अपने दांतो से काटने लगी चूसने लगी। मैं तड़प तड़प कर पागल हो रहा था अब और अब उसकी चूचियां ऐसे दबा रहा था जैसे किसी को मारने के लिए उसकी गर्दन दबाते है। उसे दर्द हो रहा था और उसकी आवाज उस दर्द से कामुक हो चुकी थी। आआह्ह्ह्ह आआअह्ह्ह्ह धीरे राहुल दर्द हो रहा है आअह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्ह तेरी ही है आज ये कामिनी पूरी की पूरी। जल्दी न कर आराम से कर मेरी जान। पर मैं नहीं माना और दबाता रहा पूरा जोर लगा कर। अब उसने अपने दांतो से खींच कर मेरी अंडरवियर उतार दी और मेरे लण्ड से लेकर जांघो के निचे तक केक लगा दिया और शराब गिरा ली उसके ऊपर।
अब फिर से उसने अपनी जीभ का कमाल शुरू किया और सारा केक चाट गयी। इसके बाद उसने अपना मुँह पूरा खोला और लण्ड अपने मुँह में डाल कर अंदर बाहर करने लगी। मैं पहली बार लण्ड चुसवा रहा था और मुझे पता नहीं था क्या करना है। उसने मेरे हाथ उठाये और अपने सिर पर रख दिए। अब मैं उसके बाल खींच कर उसका मुँह अंदर बाहर कर रहा था। मुझे उसका मुँह चोदने में बहुत मजा रहा था। वो भी मुझे लण्ड चुसवाने का पूरा मजा दे रही थी। ऐसा तो मैंने सिर्फ सेक्सी फिल्मो में देखा था। मेरी तड़प अब और बढ़ रही थी। दस मिनट तक मैं ऐसे ही उसका मुँह चोदता रहा। और अब उठ कर हल्का सा सोफे पर लेट गयी । उसने अब अपनी पूरी बॉडी पर पहले केक लगाया। चेहरे से लेकर जांघो तक फिर उसपे शराब गिरायी। मुझे पता लग चूका था अब मुझे अपनी जीभ का कमाल दिखाना है।
मैं भी शुरू हो गया और उसके चेहरे से चाटना शुरू किया। जैसे जैसे मैं निचे जाता रहा उसकी वासना भी उभर कर बाहर आने लगी। अब उसकी आवाजों से पूरा घर गूंज रहा था और उसकी सिसकिया मुझे उसे और चाटने पर मजबूर कर रही थी। एक तो उसका गोरा बदन बड़ी बड़ी चूचियां और चिकनी चूत , उसके ऊपर से उसपे लगा केक और शराब। मुझे उसे चाट कर बहुत मजा आ रहा था। असली आनंद तो तब आया हम दोनों को जब मैं उसकी चूत पर पहुँच गया और पहले चाट चाट के केक साफ़ किया। फिर मैंने उसकी चूत को जीभ से चाटना शुरू किया। अब वो जल बिन मछली जैसे तड़प रही थी। आअह्ह्ह आअह्ह्ह राहुल , तू तो सच मैं प्लेयर है यार इतना मजा मुझे आज तक कभी नहीं आया इतने अच्छे से किसी ने मेरी चूत नहीं चाटी। आअह्ह्ह आअह्ह्ह मजा आ रहा है यार। अब मैंने उसके पैर पुरे फैला दिए और पूरा मुँह उसकी चूत पर रख के चाटने लगा उसकी चूत के दाने को काटने लगा। वो तड़प रही थी और बोली आअह्ह्ह राहुल अब रहा नहीं जा रहा मेरी जान चोद अब यार। मैं तुझे गिफ्ट दे रही थी पर लगता है आज तू मुझे मजे देकर जायेगा।
अब मैं उसकी चूत से उठा और उसे थोड़ा सा और लेटा दिया और उसकी टाँगे उठा कर ऊपर की तरफ हवा में पूरी खोल दी। उसने अपने थूक अपने हाथो से अपनी चूत पर लगाया और मैंने लण्ड उसकी चूत के मुँह पर रख दिया। एक ही झटके में पूरा लण्ड उसकी चूत में गाड़ दिया। मेरा सात इंची लण्ड पाकर तो जैसे वो स्वर्ग में चली गयी और अब बिना कुछ बोले अपनी गांड हिलाने लगी। मैंने भी उसकी गांड अब थोड़ी ऊपर उठायी और ऐसे ही उसे जोर जोर से चोदने लगा। मैं जितना उसे जोर से चोद रहा था उसकी चूचियां उतनी ही उछल रही थी और उसने अपने हाथो से अपनी चूचियां दबाना शुरू किया। मैंने उसके मुँह में अपनी २ उँगलियाँ डाली और वो उन्हें लण्ड समझ कर चूसने लगी।
दस मिनट वो ऐसे ही मुझसे चुदवाती रही और फिर बोली चल मेरी जान अब मैं तेरा लण्ड ड्राइव करती हूँ। तेरा पूरा लण्ड मेरी चूत में जायेगा। मैं निचे जमीन पर लेट गया और वो मेरे ऊपर आ गयी। उसने अपने हाथ से लण्ड अपनी चूत में घुसा लिया और अब जोर जोर से उछलने लगी। अब वो मुझे चोद रही थी और मैं उसकी हवा में उछलती चूचियों को दबा रहा था। आअह्ह्ह राहु आआह्ह्ह्ह मजा आ रहा तुझे बोल न राहुल आअह्ह्ह आआह्ह्ह्ह। मैडम मुझे तो बहुत आ रहा आपको आ रहा। वो बोली हाँ यार आज सालो बाद एक असली मर्द के लण्ड जैसा एहसास हो रहा है। थक कर अब वो खुद ही सोफे के सहारे घोड़ी बन गयी और अपनी गांड ऊपर उठा ली। अब मुझे उसे घोड़े की तरह चोदना था। मैंने उसके बाल खींचे और उसकी चूत में जोर जोर से झटके मारने लगा। उसकी गांड पर थपड मारने में बहुत मजा आ रहा था और वो भी है राहुल और मार यार थपड मार मेरी चुत मार जोर जोर से राहुल। आयी लव यू यार , फैन हो गयी में तेरे लण्ड की। आअह्ह्ह आअह्ह्ह।
दस मिनट तक मैं उसे घोड़ी बनाकर चोदता रहा और वो झड़ गयी। उसने निकलने को बोला और देख कर हैरान रह गयी मेरा लण्ड अभी भी तन कर खड़ा था। वो बोली राहुल अब तो ये लण्ड मुझे रोज चाहिए। इतना बोल कर घुटनो के बल बैठ गयी और फिर से मेरा लण्ड चूसने लगी। चूस चूस कर उसने मेरे लण्ड को शांत करने में मेरी मदद की और पांच मिनट बाद मैं भी झड़ गया और उसने पूरा माल पाने मुँह मैं ही गिरवा लिया। मैंने बचा हुआ उसके गाल पर रगड़ दिया और उस से चटवा के अपना लण्ड साफ़ किया।
अब हम ऐसे ही नंगे सोफे पर बैठ गए और उसने मुझे होंठ पर किस कर के बोला राहुल बहुत मजा आया यार। तू खुश है मेरी जान अब। मैंने बोला है मैडम छह महीने की तपस्या का फल मिला आज। वो हंसने लगी और बोली राहुल और किसी को नहीं बोला पर तुझे बोल रही हूँ फिर से आना यार जब तेरा मन करे। मैं हमेशा तेरा लण्ड के लिए इंतज़ार करुँगी। मैंने बोला किसी को नहीं का क्या मतलब और अपने मुझे चौथे दिन क्यों बुलाया। वो बोली देख राहुल मैं अकेली हूँ मुझे पैसे कमाने हैं कोई मेरे आगे पीछे नहीं है। इसी के साथ मुझे अपनी चूत की प्यास भी बुझवानी है। इसी लिए मेरे पास चार स्टूडेंट आते है पढ़ने। सुमित , अजय , अभय और तू। सुमित पहला था इस लिए पहले दिन उसे गिफ्ट मिला और तू चौथा इस लिए तेरा गिफ्ट आज। पर ये बात तुझे बता रही हूँ किसी को नहीं बताना। उन तीनो को भी आपस में नहीं पता इस बारे मैं। मैंने हर एक को मना किया है बस तुझे बता रही हूँ। मैं हंसने लगा बहनचोद मेरे सरे नालायक दोस्त और मैं खुद चूत के चक्कर में पढ़ कर पास हो गए।
दोस्तों इस बात को सात साल हो गए पर अभी भी सोच कर ही हसी आ जाती और कामिनी को याद करके लण्ड में जोश। उम्मीद करता हूँ आपको भी जोश और हंसी आयी होगी। जल्दी मिलता हूँ आपसे एक और कहानी ले कर। कमेंट करते जाना मेरे प्यारे दोस्तों
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