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सौतेले बाप ने की मेरी जमकर चुदाई

  • Writer: sheetal sahani
    sheetal sahani
  • Aug 18, 2020
  • 10 min read

नमस्कार मित्रों, कहानी की इस दुनिया मैं आप सभी का बहुत बहुत स्वागत करती हूँ। मेरा नाम रोशनी है और मैं दिल्ली की रहने वाली हूँ। मैं काफी समय से यहां पर लोगों की सेक्सी स्टोरी पढ़ते आ रही हूं। आज मैं बहुत खुश हूं क्योंकि आज मुझे यहां पर अपनी कहानी को सुनाने का मौका मिल रहा है। इस कहानी को शुरू करने से पहले मैं आप सभी लोगों को अपने बारे कुछ बातें बता देना चाहती हूं। मेरी उम्र अभी 19 साल यही ओर मैं 12वी कक्षा की पढ़ाई कर रही हूं। मेरा कद थोड़ा छोटा है इसलिए मैं किसी छोटी लड़की की तरह लगती हूँ। मुझे ज्यादा फैशन करना पसंद नही है। मैं बस टॉप ओर जीन्स में रहना पसंद करती हूं। मुझे अंग प्रदर्शन करने वाले कपड़े बहुत अच्छे लगते है। मैं रंग दूध जैसा सफेद है। मैं अपनी तारीफ नही करना चाहती हूं लेकिन लोग मुझे ऐसे देखते है जैसे उन्होंने कभी इतनी खूबसूरत लड़की पहले कभी नही देखी हो, तो चलिए अब बिना देरी किये मैं अपनी कहानी की शुरुआत करती हूँ। आज से करीब 1 साल पहले की बात है जब मैं ओर मेरी मम्मी गुजरात मे एक बड़े से घर मे रहते थे। मेरी अपनी माँ से कभी ज्यादा बनती नही थी, लेकिन मैं अपने पापा से बहुत प्यार करती थी। मेरे पापा भी मुझसे बहुत पसंद करते थे, ओर मेरी सभी ज़रूरतों को पलक झपकते ही पूरा कर दिया करते थे। सबकुछ अच्छा ही चल रहा था कि कुछ महीनों बाद ही गुजरात मे मेरे पापा का एक कार से एक्सीडेंट हो जाता है। एक्सीडेंट के बाद मैं ओर मम्मी अकेले ही गुजारा करने लगते है। मुझे अब मेरी माँ के साथ घर पर रहना पड़ता था, लेकिन मुझे मेरी माँ बिल्कुल भी अच्छी नही लगती थी, क्योंकि मेरी माँ मेरे पापा से बिल्कुल भी प्यार नही करती थी। कुछ दिन तो सबकुछ ठीक ही चल रहा था, लेकिन फिर मेने अचानक ही अपनी माँ को किसी से हसते हुए बात करते हुए देखा, पहले तो मुझे उन्हें ऐसे देखकर बिल्कुल भी हैरानी नही हुई, लेकिन जब मेने उन्हें 2 से 3 दिन तक लगातार किसी से बात करते हुए पकड़ा तो मुझे मेरी माँ पर शक होने लग गया था। इतना होने के बाद भी मेने अपनी माँ पर शक करना सही नही समझा और सबकुछ भूल जाना ही सही समझा था। कुछ दिनों बाद मेरी माँ की स्कूल टीचर की जॉब लग लग गई थी। अब मेरी माँ सुबह 7 बजे से 2 बजे तक एक स्कूल में पढ़ाने के लिए जाया करती थी। सबकुछ सही चल रहा था कि एक दिन मेने कुछ ऐसा देखा कि मेरी आँखें ही फटी की फटी रह गयी थी। एक बार जब मैं अपनी सहेलियों के साथ कहीं पर जा रही थी, तभी मेने अपनी माँ को किसी लड़के के साथ देखा, जोकि मेरी माँ के साथ हसते हुए बात करते हुए कहीं पर जा रहा था। उस समय दोपहर की करीब 1 बज रही थी। उस दिन मेरा शक धीरे-धीरे यकीन में बदलता जा रहा था। अपने यकीन को पक्का करने के लिए मेने उस स्कूल में जाकर थोड़ी पूछताछ की जहां पर मेरी मम्मी टीचर की जॉब करती थी। स्कूल से मुझे पता चला कि स्कूल का समय तो सुबह 12 से 7 बजे का ही था। अब मुझे पता चल गया था कि स्कूल से जॉब के बाद मेरी मम्मी उस लड़के के साथ ही घुमती थी। उस लड़के की उम्र यही कुछ 24 साल की होगी और मेरी मम्मी की उम्र 44 साल थी। मेरी मम्मी दिखने में बहुत कम उम्र की लगती है और शायद इसीलिए उस लड़के ने मेरी मम्मी से दोस्ती की थी। थोड़ी बहुत जानकारी के बाद मुझे पता चला कि वह लड़का भी उसी स्कूल में टीचर की जॉब करता था, जहां पर मम्मी टीचर थी। मुझे यह शक था कि वह लड़का मेरी मम्मी के पैसों के पीछे पड़ा हुआ है और शायद काफी हद तक मे सही भी थी। कुछ महीनों बाद मेरी मम्मी ने बिना मेरी इजाज़त के उस लड़के से शादी कर ली थी। मुझे मेरी मम्मी का फैसला बिल्कुल भी अच्छा नही लग रहा था। कुछ दिन तक मेने इस विषय मे अपनी मम्मी से बहुत लड़ाई की ओर काफी बार मेरी इच्छा हुई कि मैं अपनी मम्मी को जान से मार दु, लेकिन मैं कुछ नही कर सकती थी। मुझे ये भी समझ नही आ रहा था कि मैं दुनिया को कैसे अपना मुंह दिखाउंगी जब मेरे घर पर मुझसे 5 साल बड़ा बाप मौजूद है। कुछ दिन तक तो मैं इसी बात को लेकर चिंता में रही फिर मेने सबकुछ अपनी मम्मी के हाल पर छोड़ दिया था। अब मुझे रोजाना ही अपने सौतेले बाप का चेहरा देखना पड़ता था। कुछ दिन तक तो ठीक ही चल रहा था, लेकिन कुछ दिन बाद मेने नोटिस किया कि मेरा सौतेला बाप बार-बार मेरे जिस्म को घूरता था। जब भी कभी मैं उसके सामने से गुजरती थी, तब मेरे सौतेले बाप की नजर मेरी गांड ओर बूब्स पर ही टिकी रहती थी। घर पर एक अजनबी लड़के के होने की वजह से मुझे भी बहुत अलग सा फील होता था, लेकिन जो भी कहो आखिर वह था, तो मेरा सौतेला बाप ही, इसलिए में कुछ भी नही कर सकती थी। अगर मैं अपने सौतेले बाप की हरकतों के बारे में अपनी माँ को कुछ बताती तब भी वह मुझ पर बिल्कुल भी यकीन नही करने वाली थी। मेरा सौतेला बाप मुझे इस तरह देखता था, जैसे वह मुझे चोदना चाहता है। जब मेरी माँ घर पर नही होती थी, तब मेरा सौतेला बाप मेरी खूबसूरती को निहारा करता था। पता नही क्यों पर जब भी वह मुझे घूर कर देखता था, तो मुझे बहुत अजीब महसूस होता था। मैं भी क्या कर सकती थी, जब कोई अजनबी लड़का आपके साथ एक घर मे होता है, तब अजीब लगना पूरी तरह से स्वभाविक लगता है। कुछ दिन तक तो बढ़िया रहा, लेकिन एक दिन मेरे साथ एक ऐसी घटना हुई जिसने मेरी दिमाग को पूरी तरह से हिला कर ही रख दिया था। एक बार रात के करीब 12 बज रहे थे, जब मैं बहुत ही गहरी नींद में सो रही थी। तभी मेरी मम्मी के कमरे से अजीब सी आवाजें आ रही रही थी। मेने तुरंत ही उठकर अपनी मम्मी के कमरे की तरफ बढ़ने लगती हूँ। मैं देखती हूँ कि मेरी मम्मी ओर मेरे सौतेले बाप के कमरे का दरवाजा खुला हुआ है। जब मैं कमरे में चुपके से झांक कर देखती हूँ तो मेरी आंखें फटी की फटी ही रह जाती है। कमरे के अंदर मेरा सौतेला बाप मेरी माँ को होंठ पर चुम रहा था। यह सीन देखकर मुझे बहुत ही अजीब लग रहा था। मुझे लग रहा था कि मुझे अपने कमरे पर वापस लौट जाना चाहिए, लेकिन पता नही क्यूं मुझे ये सब देखना अच्छा लग रहा था। यही वजह थी कि मैं दरवाज़े के पीछे छुप कर देखने लगती हूँ कि आखिर आगे क्या होता है। मेरी माँ ने उस उस नाइट गाउन पहन रखा था। मेरा सौतेला बाप मेरी मम्मी के गाउन के ऊपर से ही उनके बूब्स को दबाता हुआ उन्हें लगातार चूमता ही जा रहा था। यह सीन देखकर मेरे जिस्म मैं भी एक अलग ही कम्पन्न महसूस हो रहा था। कुछ ही देर में मेरे सौतले बाप ने मेरी माँ के गाउन को उतार कर नीचे फेंक दिया था। यह सीन देखकर मेरा जिस्म पूरी तरह से कांपने पग गया था और मुझे तेज पसीना आने लग गया था। मेरे पसीने के कारण मेरी टॉप मेरे बूब्स से बिल्कुल चिपक सी गयी थी। कुछ ही देर बाद उसने मेरी माँ की पेंटी में अपना हाथ डाल दिया था। अब मेरा सौतेला बाप मेरी माँ की चुत को रगड़ता हुआ उन्हें होंठो पर चूमता ही जा रहा था। यह दृश्य देखकर मुझे बहुत ही अजीब महसूस हो रहा था, ओर पता नही यह सीन देखकर मैं भी अपनी चुत को लगातार अपने हाथों से मसले ही जा रही थी। अब मेरे सौतेले बाप ने मेरी माँ को उठाकर बिस्तर पर सुला दिया था। अब वह मेरी माँ की टांगों को खोलकर उनकी चुत के बीज को चाट रहा था। अब मुझसे ओर नही रहा जा रहा था। ऐसा दृश्य देखकर पता नही क्यों पर मेरा भी चुदने का मन करने लग गया था। कुछ ही देर बाद मेरा सौतेला बाप भी अपने पूरे कपड़े खोलकर नँगा हो गया था। मेरे सौतेले बाप के लन्ड का साइज करीब 7 इंच का लग रहा था। उनके मोटे ओर सुडौल लंड को देखकर तो मेरी नजर हटने का नाम ही नही ले रही थी। मेने पहली बार किसी मर्द का लन्ड देखा था, इसलिए मेरी आँखें उस समय फटी की फटी ही रह गयी थी। उस समय मेरा दरवाज़े से हटने का मन ही नही कर रहा था। तभी अचानक से मेरा सौतेला बाप कंडोम का पैकेट उठाने के लिए टेबल की तरफ बढ़ता है और उसी समय मेरे बाप की नजर मुझ पर पड़ जाती है। वह मुझे देख कर मुस्कुरा देता है ओर फिर से मुझे नज़रअंदाज़ कर देता है। इस बार मैं थोड़ी घबरा गई थी, लेकिन फिर भी मेरा मन दरवाजें हटने का नही हो रहा था। मैं अभी भी वहीं पर खड़े होकर आगे का सीन देखना चाहती थी, ओर इसलिए मैं वहीं पर खड़ी होकर सब देख रही थी। अब मेरा बाप अपने हाथों से अपने लंड को सहलाते हुए उसे बड़ा कर रहा था। कुछ ही देर में मेरे बाप ने अपने लंड पर कंडोम चढ़ाते हुए अपने ओजार को आगे की कार्रवाई के लिए पूरी तरह से तैयार कर लिया था। अब मेरा बाप फिर से बैड की तरफ आ गया था। पहले तो मेरे सौतेले बाप ने मेरी माँ के बूब्स को पीना शुरू किया और फिर अपने पंड को को मेरी माँ की चुत की दीवार पर रखकर सहलाने लगा, इस तरह की कार्रवाई से मेरी माँ के मुंह से हल्की हल्की सिसकारियों निकल रही थी। मेरी माँ  की सिसकारियों की आवाज से मेरी भी उत्तेजना बढ़ती ही जा रही थी। अब मेने भी अपनी शॉर्ट्स के अंदर हाथ डाल दिया था। इस खूबसूरत दृश्य को देखकर मैं भी लागातर अपनी चुत को मसल रही थी। वहां पर चुपके से मेरा बाप भी मेरी इन हरकतों पर नजर रख रहा था। अब मेरे सौतेले बाप ने अपने लंड को मेरी माँ की चुत के सेंटर पर रखकर सिर्फ टोपे तक ही उसे धीरे-धीरे अंदर तक घुसेड़ दिया था। इस दौरान मेरी माँ के मुंह से हल्की सी आवाज निकल गया थी। अब मेरा सौतेला बाप मेरी माँ को बस टोपे तक ही धीरे-धीरे चोद  जा रहा था। यह सीन देखकर मेरी चुत में से भी हल्का सा पानी निकल गया था। अब मेरा बाप अपने पूरे ओजार को मेरी माँ की चुत के अंदर बाहर कर रहा था। इस दौरान मेरी माँ के मुंह से तेज आवाजें निकल रही थी। उनकी आवाज से पूरा कमरा ही गुंजना शुरू हो गया था। अब मुझसे ओर नही रहा जा रहा था, क्योंकि अब मैं भी अपनी वासना की चरम सीमा पर पहुंच गई थीं। इसलिए अब मेने सीधा ही अपने कमरे में जाने का फैसला किया और फिर मैं अपने कमरे में जाकर चुपचाप सो गई थीं। अब करीब रात की 1 बज चुकी थी, लेकिन मुझे नींद आने का नाम ही नही ले रही थी। कुछ आधे घंटे बाद आखिरकार मैं गहरी नींद पर अपने बिस्तर पर सोई हुई थी। मैं जब गहरी नींद मैं सो रही होती हूँ,  तभी रात की करीब 2 बजे मेरा सौतेला बाप मेरे कमरे में चला आता है। मैं बिस्तर पर उल्टा सोई हुई होती हूँ ओर वह पीछे से आकर पहले तो मेरी शॉर्ट्स को नीचे मेरे घुटने तक खिसका देता है और फिर कुछ ही देर बाद मेरी पेंटी को भी खींच कर उतारने की कोशिश करता है और इतने में ही मेरी नींद खुल जाती है और मैं अपने बाप की इस हरकत को देख लेती हूं। जैसे ही मेरी आँखें खुलती है, तो मेरा बाप मेरे कुछ बोलने से पहले ही मेरे मुंह को अपने हाथों से बंद कर देता है। मेरी भड़कती हुई जवानी को देखकर मेरा सौतेला बाप अपने होश को पूरी तरह से खो  देता है और तुरन्त ही अपने ओजार को निकालकर केवल टोपे तक ही पीछे से मेरी चुत के अंदर उतार देता है। इस अचानक की कार्रवाई से मैं पूरी तरह से झटपटा जाती हूँ, लेकिन मुंह बंद होने की वजह से मैं कुछ भी नही कर पाती हूँ। इतने में ही मेरा सौतेला बाप मेरे मुंह से अपना हाथ हटाकर मुझे चुप होने के लिए कहता है। अब मैं पूरी तरह से शांत हो जाती हूँ। अब मेरा सौतेला बाप मेरी चुत को केवल टोपे से ही चौदने लगता हैं। आह आह की धीमी आवाज के साथ झटपटाने लगती हूँ ओर खुद को छुड़ाने की भी कोशिश करती हूं लेकिन मैं चाहकर भी खुद को छुड़ा नही पाती हूँ। लेकिन कहीं ना कहीं यह भी सच था कि मुझे भी इस तरह से चुदने में काफी मजा आ रहा था। कुछ देर बाद मेने भी अपने सौतेले बाप का विरोध करना बंद कर दिया और चुपचाप उल्टा लेटकर चुदने का मजा लेने लगी। मेरा बाप मुझे चोदते हुए कहता है “आह तेरी गांड तो बहुत मोटी ओर गोल है। रोशनी जब मैने तुम्हें पहली बार देखा था, तभी मेने तुम्हे चौदने का फैसला कर लिया था”। “आह आह आह तुम बहुत बुरे हो यह कहते हुए मेने अपने सौतेले बाप की बातों का विरोध किया। कुछ देर बाद मेरे सौतेले बाप ने मुझे सीधा लेटा दिया और फिर मेरे होंठों पर होंठ रखकर मुझे चूमने लगा, ओर फिर मेने भी झूठ मुठ का दिखावा करते हुए अपने सौतेले बाप को धीरे से धक्का दिया, लेकिन वह फिर से मुझे कभी गर्दन कभी गाल तो कभी होंठों पर चूमने लग गया था। कुछ ही देर बाद उसने मेरी टॉप ओर ब्रा को भी उतार कर नीचे फेंक दिया था अब वह मेरे दोनों टाइड बूब्स को पकड़कर उन्हें आपस मे रगड़ कर उन्हें चूमते ही जा रहा था। वह मेरे गुलाबी निप्पल को ज्यूस की तरह पीता ही चला जा रहा था। इस दौरान मेरी सांसे काफी तेज हो गयी थी। अब मैं उत्तेजना की चरम सीमा तक जा पहुंची थी। मेरे मुंह से लगातार “आह आह की हल्की सिसकारियां निकले जा रही थीं। अब वह धीरे-धीरे मेरे पेट को चूमता हुआ मेरी चुत तक जा पहुंचा था। कुछ ही देर में उसने मेरी चुत को अपनी उंगलियों से चोदना शुरू कर दिया था। मैं पहली बार ऐसे किसी के साथ सेक्स कर रही थी, इसलिए मुझे बहुत मजा आ रहा था। अब उसने मेरी चुत के बीज को चाटना भी शुरू कर दिया था। वह एक हाथ से मैं एक उत्तेजना के साथ अपनी चुत के मसल रही थी, ओर वहीं मेरा सौतेला बाप मेरी चुत को आइसक्रीम की तरह चाट रहा था। कुछ ही देर में उसने अपने लौड़े को भी तानकर खड़ा कर लिया था। अब उसने बिना देरी किये अपने लौड़े को मेरी नंगी चुत पर ले जाकर रख दिया था। अब उसने एक ही झटके में अपने पूरे लंड को मेरी चुत के अंदर घुसेड़ दिया था।। इस कार्रवाई से मेरे मुंह से तेज चीख बाहर निकल गयी थी। अब वह मेरी टांगों को अपने कंधे पर रखकर अपनी पूरी रफ्तार के साथ मुझे चोद रहा था। इसके बाद मेरे सौतेले बाप ने मुझे घोड़ी बनाकर अलग अलग पोजिशन में मेरे साथ सेक्स किया था। मेरे सौतेले बाप ने मुझे चोद-चोद कर मेरी चुत में से  पानी बाहर निकाल दिया था। उस दिन मेरे सौतेले बाप ने मुझे करीब 1 घन्टे तक चोदा था। कुछ देर बाद तो मैं भी सेक्स करते हुए अच्चा महसूस करने लगी थी। अब मेने भी कुछ ही देर अपने सौतेले बाप का लन्ड अपने मुंह मे लेकर चूसना शुरू कर दिया था। मैं उसका लन्ड पूरा मुंह मे लेकर चुस्ती ही जा रही थी। अपने सौतेले बाप का गर्म वीर्य भी मेने उस दिन निगल लिया था। अब मेरा जब भी मन करता है तो मैं अपने सौतेले बाप के साथ चुदाई कर लेती हूं। जब भी उनका पंड मेरी चुत को चीरता हुआ अंदर जाता है तब मुझे काफी सुकून मिलता है। अगर आपको यह कहानी पसंद आयी हो तो इसे सबके साथ शेयर जरूर कीजियेगा।




 
 
 

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