पहाड़ों में मुझे सबने जबर्दस्ती चोदा
- sheetal sahani

- Aug 12, 2020
- 2 min read
हेल्लो दोस्तों, मेरा नाम सारिका है। मैं मुम्बई की रहने वाली हूँ। मेरी उम्र 26 साल है और मैं देखने में बहुत ख़ूबसूरत हूँ। मेरा फिगर 34-30-34 है। मुझे देख कर कई लोगों के लौड़े खड़े हो जाते हैं। कई लोग मुझे चोदने की इच्छा जाग जाती थी। कई लड़के मेरे पीछे पड़ जाते थे। वो मेरा पीछा तब तक नहीं छोड़ते थे जब तक मैं उनको अपनी चूत न दे दूँ। मुम्बई में ये सब बहुत चलता है। आज किसी से चुद गए, कल किसी और से। पर मैं जो कहानी आपको बताने जा रही हूँ वो बहुत उत्तेजक है और मैंने कभी ये सोचा भी नहीं था कि मेरे साथ कुछ ऐसा भी होगा। तो कहानी शुरु होती है तब से जब मैं 23 साल की थी। मुझे घूमने फिरने का बहुत शौक था। मैं अक्सर अकेले ही घूमना पसंद करती थी। मैं अक्सर बाइक किराये पर ले कर घूमने निकल जाया करती थी। तो एक बार मैं हिमाचल प्रदेश में अकेले घूमने गयी थी। मैंने मनाली से एक बाइक किराये पर ली और पूरा हिमाचल घूमने निकलने लगी। पर तभी मुझे वहाँ एक ऐसा ग्रुप मिला जो की मेरे जैसे ही बाइक किराये पर ले कर पूरा हिमाचल घूमने निकले थे।मैंने उन से पूछ ताछ की तो उन्होंने मुझे भी अपने साथ चलने के लिए कहा। पहले मुझे थोड़ा अजीब लगा पर बाद में मैंने हाँ कर दी। टी अगले दिन हम मनाली से निकल गए और चंबा की ओर जाने लगे। उस ग्रुप में 10 लड़के थे, जो कि बहुत अच्छे घर के लगते थे। उन लोगों ने बताया कि वो लोग पिछले 7 महीने से ऐसे पुरे भारत में घूम रहे हैं। ये सुनकर मुझे बहुत अच्छा लगा। हम लोगों ने रास्ते में बहुत बातें की और सब लोग मेरे अच्छे दोस्त बन गए। एक रात जब हम लोग जा रहे थे तो रास्ते में पहाड़ दरकने से रास्ता बंद हो गया था इसलिए हमें कोई दूसरा रास्ता देखना पड़ा। पर उस समय बहुत तेज़ बारिश भी हो रही थी जिसके चलते हम रास्ता भटक गए और पूरी रात गलत दिशा में जाते रहे।इस दौरान हम लोग मेन सड़क से 70 किलोमिटर दूर आ गए थे। जब हमें इस बात का अहसास हुआ की हम लोग भटक गए हैं तो हमने वहीँ किसी नदी के किनारे टेंट लगा दिए और बारिश थमने का इंतज़ार करने लगे। सुबह करीब 5 बजे मैं उठी तो मैंने देखा की बारिश थम गई है और बाकी सब लोग अभी भी सो रहे हैं। हुम लोग पहाड़ों के बीच, नदी के किनारे किसी बहुत सुंदर से जगह पहुँच गये थे। वहाँ हमारे आलावा और कोई भी नहीं था। नदी को देख कर मेरा मन उसमे नहाने का हुआ तो मैं नदी के पास के बड़े से पत्थर के पास चली गयी जहाँ से मुझे कोई देख नहीं सकता था।पूरी कहानी पढ़े Source url : https://www.hamarikahaniya.com/pahaadon-mein-mujhe-sabane-jabaradastee-choda/
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