चाची के साथ उसकी बहन की चुदाई!
- sheetal sahani

- Aug 19, 2020
- 11 min read
हेल्लो दोस्तों! मैं राहुल दिल्ली से , एक बार फिर ले आया हूँ आपके लिए एक चुदाई की सच्ची कहानी। इस कहानी में आपको बताऊंगा कि किस तरह मुझे बिना कोशिश किये एक बीस साल की लड़की चोदने को मिली। दोस्तों आप सब को याद होगा कि मैंने अपने चाचा के लिए उनकी बीवी को चोद कर मनाया था। और उसके बाद चाची ने शर्त राखी थी कि जब तक तू मुझे चोदता रहेगा मैं तेरे चाचा से चुदवाती रहूंगी। चाची को लगभग सेकड़ो बार चोद चूका हूँ पर हर बार एक नया ही मजा देती है। अब सीधे चलते हैं कहानी पर। ये एक साल पहले की बात है , एक बार मैंने चाची को चोदते हुए बोल दिया था यार चाची कोई तुम्हारी सहेली है तो पटवा दो यार बड़े दिनों से कोई नयी चूत नहीं मारी। चाची ने भी मजाक में बोल दिया पटवा तो दूंगी पर एक साथ हम दोनों को चोदेगा तब। खेर वो बात तो मजाक में ही निकल गयी। पर उसी रात मुझे एक रॉंग नंबर से कॉल आया किसी लड़की का। पहली बार में ही उसने मुझे बोला तुम राहुल बोल रहे हो। मैंने पूछा हाँ पर तुम कौन हो ? वो बोली तुम्हारी दीवानी। इतना बोल कर फ़ोन काट दिया। अगली रात फिर से फ़ोन आ गया , कैसे हो राहुल जी। मैंने बोला ठीक हूँ पर तुम हो को बता भी दो। वो बोली बता देती हूँ इतनी जल्दी क्या है। मुझे लगा मेरी कोई पुरानी गर्लफ्रेंड या उसकी कोई सहेली है जो मजाक कर रही है। फिर मैंने उसे डायरेक्ट बोल दिया नहीं बताओगी तो आज के बाद फ़ोन मत करना। उसका जवाब आया। ठीक है फ़ोन नहीं करुँगी सीधे आ कर लण्ड पर बैठ जाउंगी , मुझे तो चुदवाना है बस तुमसे। इतना बोल कर फ़ोन काट दिया और पांच ही मिनट बाद उसने व्हाट्सप्प पर अपनी नंगी फोटो भेजी और बोली अब बताओ करोगे बात या नहीं। मैंने बोला तू ऐसा कर वीडियो कॉल पर आजा। उसने तुरंत वीडियो कॉल किया और वो साली अभी भी नंगी थी और तुरंत बोली तू भी नंगा हो। मैं भी बिना देर किये नंगा हुआ और उसने मेरा खड़ा लण्ड देख कर बोला हाय मजा आएगा अब तो। उसके बाद उसने मुझसे ऑनलाइन चुदाई करवाई। अब ये सिलसिला रोज रात होने लगा। एक दिन मुझे चाचा का फ़ोन आया कि तेरी चाची ने गांव जाना है और मुझे किसी काम से अमेरिका जाना है। तो तू इसे ले जा। मैंने भी तुरंत हाँ बोली और चाची को लेकर गांव चला गया। जाते ही चाची मुझे कमरे में खींच कर ले गयी और फटाफट अपनी साडी उतार कर नंगी हो गयी। मेरी पेंट उतार कर लण्ड चूसने लगी। टाइम ज्यादा नहीं था क्युकी दादा दादी आने वाले थे। इसलिए पांच मिनट लण्ड चूस कर चाची घोड़ी बन गयी और मुझे बोली राहुल गांड मार आज जल्दी से। मैंने भी चाची की गांड पर थूक लगाया और उसकी गांड मारनी शुरू कर दी। एक घंटे में दादा दादी आ गए और हम दोनों भी उनके पास ही बैठ गए। रात हो गयी और उस दिन भी रोज की तरह ग्यारह बजे उस लड़की का फ़ोन आ गया। मुझे अभी तक उसका नाम नहीं पता था पर आज उसने खुद ही बताया मेरा नाम शिवानी है। और उसने मुझे ये भी बोला कि परसो मुझे सच में तुम्हारे लण्ड से चुदवाना है। मैंने बोला पर मैं तो गांव आया हूँ दस दिन के लिए। चाची मेरे साथ ही बैठी थी , हम दोनों नंगे थे बस चुदाई करने की तैयारी कर रहे थे। वो बोली मुझे पता है तुम कहाँ हो इसलिए बोल रही हूँ परसो मिलूंगी तुम्हे। इतना बोल कर फ़ोन काट दिया। परसो दोपहर में ही उसका फ़ोन आ गया और बोली तुम्हारे गांव से दस मिनट दूर एक रानीगंज नाम का गांव है। वहाँ पर शिवानी ब्यूटी पार्लर है गांव में घुसते ही। वहाँ आ जाओ अभी। दोपहर है और सब अपने अपने घरो में है। चाची भी कही गयी हुई थी तो मैंने बस दादा को बता कर निकल गया। पंद्रह मिनट में ही मैं वहाँ पहुँच गया और उसके पार्लर के अंदर चला गया। उसने मेरे अंदर आते ही भाग कर गेट बंद किया और आकर मुझसे लिपट गयी। मैंने उस से पूछा कि तू है को और मुझे कैसे जानती है। उसने बिना जवाब दिए अपना घागरा उतार दिया और अपनी बिना बालो वाली चिकनी चूत पर इशारा कर के बोली पहले इसे चोदेगा या सवाल पूछेगा। उसकी चिकनी गोरी चूत देख कर मैं सब कुछ भूल गया और सीधे उस से चिपक कर उसकी चूत मसल कर बोला , सवाल की गांड मार पहले चुदवा। और इतना बोल कर उसके होंठो को चूमने लगा। उसने भी मेरा साथ देते हुए सीधे मेरी शॉट्स में हाथ डाला और लण्ड पकड़ कर हिलाने लगी। दो मिनट में ही उसने हिला हिला कर मेरा लण्ड खड़ा करवा दिया और अब उसने खुद ही मेरी शॉट्स उतार दी और निचे बैठ कर लण्ड चूसने लगी। मुझे पता लग चूका था ये सिर्फ लण्ड की दीवानी है। मैंने भी पहले अपनी टीशर्ट उतारी और पूरा नंगा हुआ और उसके बाद उसके बाल पकड़ कर उस से लण्ड चुसवाना शुरू किया। उसने एक हाथ से मुझे पकड़ा हुआ था और दूसरे से अपनी चूत रगड़ रही थी और रंडियो की तरह मेरा लण्ड चूस रही थी। मैंने अभी तक उसके पुरे शरीर की जांच नहीं की थी। रंग गोरा है पर शरीर का अकार मुझे नहीं पता था। इसलिए मैंने उसके हाथ ऊपर किये और लण्ड चुसवाते चुसवाते उसे भी पूरा नंगा कर दिया। उसे नंगा करते ही मैंने अपनी आँखों से ही अंदाजा लगा लिया कि ३४ साइज है इसकी चूचियों का। वो अभी भी मेरा लण्ड चूस रही थी और मैं उसके बाल पकड़ कर उसका मुँह चोद रहा था। पंद्रह मिनट तक इसी तरह उसका मुँह चोदता रहा और अब वो उठ गयी। उसके मुँह से उसकी लार टपक रही थी। उसने तुरंत अपना मुँह साफ़ किया और मेरे बालों में हाथ डाल कर मुझे चूमना शुरू कर दिया , अब वो कुत्तो की तरह मेरा पूरा चेहरा चाट रही थी और खुद ही उसने मेरा हाथ अपनी गांड पर रख दिया। हाथ रखते ही मुझे एहसास हो गया कि इसकी गांड भी शायद ३४ जी है। गोल गोल उभरी हुई गांड दबा कर मुझे बहुत मजा रहा था और वो लगातार मुझे चाट रही थी। मैंने अब उसकी चूत फिर से रगड़नी शुरू की , वो अभी तक गीली हो चुकी थी। अब मैंने उसकी चूचियों पर धावा बोला और दबाने लगा। मेरे हाथो का स्पर्श अपनी चूचियों पर पाकर वो चीख उठी आअह्ह्ह्ह। अब मैंने एक हाथ से चूचियां दबानी शुरू की और दूसरे से उसके बालों को खींच कर उसे चाटना शुरू किया। अब तो वो और ज्यादा गर्म होने लगी क्यूंकि मेरे होंठ और मेरी जीभ उसके गाल उसकी गर्दन और उसके होंठो को मसल रहे थे। उस से भी रहा न गया और उसने फिर से मेरा लण्ड पकड़ कर हिलाना शुरू कर दिया। ये सिलसिला दस मिनट तक चलता रहा और अब उसकी कामुकता पुरे कमरे में गूंज रही थी। उसने अब मुझे रुकने का इशारा किया और मुझे लेकर पीछे की तरफ गयी। वहाँ पर एक छोटा सा बेड था और वो उसपर लेट गयी और अपनी टाँगे खोल ली। मुझे पता लग गया कि अब ये अपनी चूत चटवाने चाहती है। बेड पर एक ही आदमी की जगह थी तो मैं खड़ा ही रहा और झुक कर उसकी चूत पर अपना मुँह रख लिया। थोड़ी देर मुँह से ही रगड़ता रहा और फिर जीभ निकाली और उसकी चूत चाटनीशुरू की। उसकी चूत से भी खुशबु आ रही थी और मुझे भी उसकी चूत चाटने में बहुत मजा आ रहा था। अब वो चूत की आग में तड़पने लगी और उसकी सिसकियाँ औरकामुक हो गयी। राहुल मजा आ रहा है यार आअह्ह्ह आअह्ह्ह सही सुना था , तू बहुत मजा देता है चुदाई का। उसने अब मेरा सर दबा दिया अपनी चूत पर और मैं भी पुरे मजे से उसकी चूत चाट रहा था और उसकी कामुक आवाजों का आनद ले रहा था। दस मिनट में ही वो फिर से गीली हो गयी और इस बार मैंने अपनी जीभ से उसकी गीली चूत सूखा दी। इसके बाद अब वो चुदवाने के लिए गिड़गिड़ाने लगी , राहुल चोद दे अब यार अब नहीं रहा जाता प्लीज मेरी जान चोद दे मुझे यार। मैंने उसे अपनी तरफ खींचा और खुद सीधा खड़ा हो गया। उसने खुद ही पैर मेरे कंधो पर रख दिए और अब मेरा लण्ड उसकी चूत आमने सामने थे। मैंने अपने लण्ड का निशाना उसकी चूत पर लगाया। दो तीन मिनट तो में उसकी चूत के मुँह पर ही रगड़ता रहा लण्ड और वो और तड़पती रही। क्यों तड़पा रहा है साले दाल भी दे अंदर अब। मैं उसके गिड़गिड़ाने का भी मजा ले रहा था और उसे तड़पा भी रहा था। उसकी नंगी टांगो को भी चाट रहा था और उसकी जांघो को मसल रहा था। वो तो बस ऐसे तड़प रही थी जैसे मछली पानी के बाहर। मैंने उसकी तड़प रोकी और अब उसे बोला होजा तैयार अब मेरी जान। अब मैंने फिर से उसके पेरो पर अपनी पकड़ मजबूत की और एक ही झटके में लण्ड उसकी चूत के अंदर। चुदकड़ तो थी वो रांड पर मेरा सात इंची लण्ड पाकर बेहाल हो गयी और एक मिनट के लिए तो पूरी सुन्न पद गयी। न कुछ बोले न कुछ शरीर में हलचल। मैंने उसके मुँह पर थपड मारा और बोला मर गयी क्या माधरचोद। उसे होश आया और बोली साले धीरे धीरे डालता जब पता है घोड़े जैसा लण्ड है तेरा तो। मैं हंसने लगा और बोला सॉरी मेरी जान अब चोदू या रहने दूँ। वो बोली साले ऐसे कैसे रहने दू और अपनी गांड झटके से हिला कर आगे की और मेरा लण्ड उसकी चूत के और अंदर चला गया। और बोली चोद साले अब शुरू हो जा। मैं अभी उसे धीरे धीरे ही चोद रहा था। उसने अपनी गांड हिलानी शुरू कर दी और बोली साले धीरे धीरे क्या कर रहा , बच्ची नहीं हूँ मैं तेरे से पहले भी दस बीस बार चुदवा चुकी हूँ। जोर से चोद न बहनचोद। मैंने भी उसको बातो को चैलेंजे माना और अपनी स्पीड बढ़ा दी। अब मैंने गाडी चौथे गिअर में डाली और मेरा लण्ड लगातार उसकी चूत को चीरता हुआ बच्चेदानी से टकरा रहा था और वो चुदवाने का भरपूर आनद लेते हुए अपनी चीखो से ब्यान कर रही थी। आआह्ह्ह आआह्ह्ह आआह्ह्ह अब मजा आ रहा है , रुकना नहीं साले ऐसे ही जोर जोर से चोद मुझे आअह्ह्ह आआह्ह्ह आआह्ह्ह्ह फाड़ दे चूत का भोसड़ा बना दे आअह्ह्ह आआह्ह्ह्ह आआह्ह्ह। मैं खड़ा हुआ था इसलिए मेरा जोर भी ज्यादा लग रहा था। दस मिनट तक मैं ऐसे ही उसे चोदता रहा और फिर बोला अब पोजीशन चेंज करते है। वो बोली अब और कैसे चोदना है मुझे तूने , घोड़ी बन जाऊ क्या। मैं बोला हां बन अब घोड़ी। वो बेड से उतर गयी और बेड पर हाथ रख कर घोड़ी बन गयी। सिर्फ बीस साल की थी और उसकी गांड उसके गालों जैसी मुलायम और चिकनी थी। मैं तो दो तीन मिनट तक उसकी गांड सहलाता रहा और चाटने भी लगा। वो गांड हिला कर बोली पहले चोद ले साले। मैं खड़ा हुआ और चूत पर फिर से निशाना लगाया। वो बोली इस बार फिर से जोर का झटका मरना। मैंने ठीक वैसा ही किया और एक ही झटके में लण्ड उसकी चूत में घुसेड़ दिया। अब में शुरू से ही उसे जोर जोर से चोद रहा था और वो भी अपनी गांड हिला हिला कर चुदवा रही थी। उसकी चीखे अभी भी काम नहीं हो रही थी बल्कि बढ़ती जा रही थी। वो धीरे धीरे पूरा झुक गयी और सिर बेड पर रख लिया। अब उसकी गांड और उभर कर मेरे सामने आ गयी और मैंने देखा वो झड़ भी चुकी है। मैंने उसे बिना कुछ बोले चूत से निकला और गांड पर लण्ड रख दिया। वो बोली नहीं नहीं गांड नहीं नहीं राहुल बहुत दर्द होगा। पर मुझसे रहा न गया और मैंने उसका सिर दबा कर उसका मुँह बंद किया और दूसरे हाथ से उसकी गांड पर थूक लगाने लगा। धीरे धीरे मैंने लण्ड उसकी गांड में डालना शुरू किया और वो अब बेसुध हो गयी थी। दो तीन मिनट में ही लण्ड पूरा उसकी गांड में उतर गया और अब मैंने धीरे धीरे अंदर बाहर करना शुरू किया। वो लगभग बेहोश हो गयी थी और सिर्फ एक मूर्ति की तरह पड़ी हुयी थी। पर उसकी गांड मुझे उसे ठोकने पर मजबूर कर रही थी। मैंने उसे थोड़ा सा ऊपर उठाया और उसकी चूचियां दबानी शुरू कर दी ताकि ये थोड़ी हलचल करे। मेरा तरीका काम कर गया और पांच मिनट बाद उसे भी गांड मरवाने का मजा आने लगा और उसने फिर से गांड हिलनी शुरू कर दी। अब मैंने उसे फिर से चोद दिया और वो पूरी तह झुक गयी और जमीन पर हाथ रख लिया। अब तो मैंने उसके बाल खींचे और गांड पर थपड मरते मरते उसकी गांड जोर जोर से ठोकना शुरू कर दिया। अब उसकी चीखे अपनी हदें पर कर चुकी थी और कमरे में डी जे की तरह गूंज रही थी। पंद्रह मिनट में ही उसका बुरा हाल हो गया और में झड़ने वाला था। उसने मुझे निकालने को बोला और वैसे ही मुँह जमीन की तरफ कर के बेसुध होकर लेट गयी। मैं उसके मुँह के पास गया और बैठ कर जबरदस्ती उसका मुँह खोला। और मुठ मरने लगा। पांच मिनट हिलाने के बाद मेरे लण्ड ने माल छोड़ा और मैंने उसके मुँह में और चेहरे पर ही पिचकारी मार दी और उसे ऐसे ही छोड़ दिया और खड़ा हो गया। वो अभी भी बेसुध होकर जमीन पर पड़ी हुयी थी। मैं खड़ा हुआ और कपडा पहन ने लगा। कपडे पहन कर मैंने उसकी गांड पर फिर जोर से थपड मारा और उसे होश में लाया। उसे होश आने के बाद वो सीधी हो गयी पर जमीन पर ही लेटी रही। और हंस कर बोलने लगी साले गांड नहीं मारनी थी बुरा हाल हो गया। मैंने फिर से पूछा अच्छा अब तो बता दे है कौन तू। वो हंस कर बोलने लगी मैं नहीं बताउंगी कोई और बताएगा। मैंने पूछा कौन तो साली फिर से हंसने लगी, बोली दीदी आ जाओ बाहर। मैं हैरान हुआ और देखा तो अंदर कमरे से मेरी चाची निकल कर आयी वो भी पूरी नंगी। चाची ने बताया ये मेरी बहन है , तूने बोला था कोई नयी चूत तो ये तेरा लण्ड कब से खाने को बोल रही थी। मैंने इसे ही बोल दिया तू ही पटा ले राहुल को। अब हम सब हंसने लगे फिर मैंने पूछा अच्छा तो मेरी रंडी चाची तू नंगी क्या कर रही थी। वो बोली तुम्हारी चुदाई देख कर कण्ट्रोल नहीं हुआ तो ऊँगली से खुद को चोदने लगी। वो दोनों हंसने लगी और मुझे धक्का देकर जमीन पर ही लिटा दिया। अब एक ने मेरी टीशर्ट उतारी और दूसरी ने शॉट्स। एक ने मेरा लण्ड चूसना शुरू किया तो एक ने मेरे होंठ। थोड़ी ही देर में मेरा लण्ड फिर से तन कर खड़ा हो गया। शिवानी ने अभी चुदाई करवाई थी इसलिए चाची ने बोला तू चूत चटवा इस से पहले में चुदवाउंगी। मैं जमीन पर ही लेटा था। वो दोनों मेरे ऊपर बैठ गयी। चाची ने लण्ड अपनी चूत में डाल लिया और शिवानी मेरी छाती पर बैठ कर चूत मेरे मुँह पर रख दी। अब पीछे से चाची उछल उछल कर चुदवा रही थी और शिवानी की चूचियां दबा रही थी। मैंने शिवानी को जांघो से पकड़ा हुआ था और उसे अपनी जीभ से चोद रहा था। अब तो पार्लर में दो लड़कियों के चुदने की आवाज गूंजने लगी। आआह्ह्ह्ह आआअह्ह्ह्ह आआआह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्ह मजा आ रहा है राहुल आआह्ह्ह आआह्ह्ह्ह और चाट चाट मेरी जान आआह्ह्ह्ह। और पीछे से चाची है राहुल चाट इसे बहुत दिन से तेरे लण्ड के सपने ले रही थी। पंद्रह मिनट बाद शिवानी ने चाची को हटा दिया और बोली दीदी तू तो कितना चुदवा चुकी है आज मुझे चुदवाने दे। अब शिवानी मेरे लण्ड से चुदवाने लगी और चाची मेरी छाती पर बैठ कर चूत चटवाने लगी। बीस मिनट तक अब शिवानी ऐसे ही उछल उछल कर चुदवाती रही और मैं चाची की चूत चाट चाट कर उसका पानी निकाल रहा था। अब मैं झड़ने वाला था तो मैंने बोलो अब छोड़ दो रंडियो मेरा निकलने वाला है। वो दोनों हंसने लगी और अब दोनों ने मुझे खड़ा कर दिया और निचे घुटनो के बल मुँह खोल कर खड़ी हो गयी। अब दोनों के बाल पकड़ लिए और बोला हिला हिला कर निकालो। वो दोनों जीभ बाहर निकल कर मेरा लण्ड हिलाने लगी और पांच मिनट में ही उनकी प्यास बुझाने के लिए मेरे लण्ड ने पिचकारी मार दी। रंडिया फिर से मेरा लण्ड चाट कर साफ़ करने लगी और अपने चेहरे वाला भी पी गयी। और बोली मजा आया तुझे। मैंने भी एक एक हाथ से दोनों को पकड़ा और बोला है मेरी रंडी चाची और मौसी बहुत मजा आया। फिर उन दोनों ने बोला अब तुझे दस दिन तक रोज ऐसा मजा मिलेगा क्यूंकि शिवानी भी अपने गांव चल रही है जब तक हम हैं यहाँ पर। अब रोज रात में दादा दादी के सोने के बाद हमारी चुदाई शुरू हो जाती और सुबह वो दोनों उठ कर अपने कमरे में चली जाती। असली मजा तो तब आया जब दस दिन बाद शिवानी को चाची ने बोला तू हमारे साथ दिल्ली चल , तेरे जीजा को बोल कर वही पार्लर खुलवा दूंगी। फिर जब मन करे राहुल का लण्ड खा लेना। वो भी तुरंत तैयार हो गयी और हम तीनो दिल्ली वापिस आ गए। उस दिन के बाद से चाची को तो कभी कभी पर शिवानी को तो रोज दोपहर में उसके पार्लर जाकर चोदने लगा मैं। चाची भी तीन चार दिन बाद आ ही जाती थी चुद वाने और दोनों एक साथ चुद वाती थी। मेरे तो मजे ही मजे हो गए थे। उम्मीद करता हूँ आप लोग भी गर्म हो गए होंगे। जाइए कीजिये चुदाई अपने पार्टनर की। बस जाने से पहले कमेंट करते जाना।
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